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सेंसेक्स कोई हलचल किये बगैर बंद; डॉ. रेड्डीज़ और लूपिन के शेयरों में 2% का उछाल


भारतीय शेयर बाजार

दोपहर बाद की ट्रेडिंग के दौरान भारतीय शेयर बाजार कल की क्लोजिंग लाइन से थोड़ा-सा ऊपर कारोबार कर रहा था।

इस तरह आज बीएसई सेंसेक्स 33 और एनएसई निफ्टी 11 अकों की बढ़त के साथ बंद हुआ।
एसएंडपी बीएसई मिड कैप 0.4% और एसएंडपी बीएसई स्माल कैप भी 0.4% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
तेल और गैस , बैंक और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में तेजी, जबकि उर्जा और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का दबाव साफ दिखायी दिया।

एशियाई शेयर बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में विगत दिनों जैसा ही मिश्रित कारोबार देखने को मिला। हैंग सेंग में 0.91% और शंघाई कंपोजिट में 0.10% की तेजी के दर्शन हुए। दूसरी तरफ निक्केई-225 में 0.05%  की गिरावट रही।
आज यूरोप के शेयर बाजारों में चढ़ाव देखने को मिला। लंदन शेयर बाजार इस मामले में सबसे आगे रहा। एफटीएसई-100, 0.63% बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि डीएएक्स 0.59% और सीएसी-40 ने 0.44% की तेजी के साथ ट्रेडिंग खत्म की।

रुपया और डालर

दोपहर बाद के सत्र में रुपया , डालर के मुकाबले  64.11 रुपया प्रति डालर की दर पर कारोबार कर रहा था। लिखे जाने के समय तेल 47.72 डालर पर ट्रेडिंग कर रहा था।
जैसे ही यह खबर आयी की एचीसीएल इंफोसिस्टम्स भारतीय बाजार में आइफोन समेत एपल के प्रोडक्टों का वितरण करेगी, कंपनी के शेयरों में 9.6 % का उछाल दर्ज किया गया।

इस बीच आज की ट्रेडिंग में साफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में वापसी हुई। टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयरों की कीमत में सबसे अधिक उछाल दर्ज किया गया।


आर्थिक समाचार

वित्तीय-वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) 37% की छलाँग लगाते हुए 10.4 अरब डालर पर पहुँच गया।
सेवा, टेलिकॉम, ट्रेडिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर और साफ्टवेयर, ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों में सर्वाधिक एफडीआइ का प्रवाह रहा। सबसे अधिक एफडीआइ सिंगापुर से आया। इसके बाद मारिशस, नेदरलैंड और जापान से आया।

गौर करनेवाली बात है कि मेक इन इंडिया के शुभारंभ ( अक्टूबर 2014 से इस साल जून तक) से एफडीआइ 64% बढ़ कर 110.12 अरब डालर पर पहुँच गया है।

एफडीआइ को भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि इसे अपने बंदरगाहों, हवाई अड्डों और महामार्गों जैसे बुनियादी ढाँचों का कायाकल्प करने के लिए 1 खरब अमेरिकी डालर की जरूरत है। इन्हीं पर देश की आर्थिक वृद्धि निर्भर करेगी। इसके अलावा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से भारत को अपना भुगतान संतुलन सुधारने में भी मदद मिलेगी।

ओएनजीसी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन (एचपीसीएल) में सरकार की 51.11% की हिस्सेदारी खरीदने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गयी है। इसके बाद कंपनी के शेयर में 1.1% का उछाल दर्ज हुआ।
सरकार ने कहा है कि खोज और उत्पादन संबंधी परिचालनों के लिए सामानों और सेवाओं की खरीदी पर पर लगे जीएसटी पर आइटीसी लागू नहीं होगा।

सरकार ने यह भी दोहराया है कि ओएनजीसी के प्रमुख उत्पादन- कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस-  जीएसटी से बाहर रहेंगे। इन पर मौजूदा केंद्रीय एक्साइज ( तेल उपकर), वैट/सीएसटी आदि ही लागू होंगे।
एक प्रमुख दैनिक आर्थिक समाचार पत्र के अनुसार डॉ रेड्डीज़ ने अपनी उच्च शक्तिवाली स्टेरॉयड DFD-06 के भविष्य के विकास, निर्माण और अमेरिका में विपणन का अधिकार एंकोर डर्मैटोलाजी इंक को दे दिया है।

डॉ. रेड्डीज के शेयर बीएसई में 2.5% का उछाल के साथ बंद हुए।

लूपिन के शेयर 2.3% की तेजी के साथ बंद हुए।

This article was originally published in English at www.equitymaster.com
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