भारतीय शेयर बाजार
दोपहर बाद के सत्र में
भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स चढ़ाव के साथ बंद हुआ। रियल्टी, मेटल और बैंक के शेयर में भारी
खरीदारी हुई।
बीएसई
सेंसेक्स 276 और एनएसई
निफ्टी 87 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ।
एफएमसीजी शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
पिछले कुछ समय से एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख दिखायी दे रहा है। उसका
सिलसिला आज भी जारी रहा।
हैंग
सेंग ने 0.91% की बढ़त हासिल की तो निक्केई-225
0.26% की। लेकिन शंघाई कंपोजिट 0.08% के साथ नुकसान में रहा।
यूरोपीय
शेयर बाजार आज नीचे चल रहे थे।
सबसे अधिक गिरावट में फ्रांस का शेयर
बाजार रहा। सीएसी-40 जहाँ 0.09% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं, लंदन के
एफटीएसई-100 ने 0.03% की गिरावट का सामना किया। जर्मनी के डीएएक्स में
0.03% की गिरावट रही।
दोपहर बाद के सत्र में रुपया, 64.13 प्रति डालर की दर पर कारोबार कर रहा था।
तेल की ट्रेडिंग 47.67 अमेरिकी डालर पर हो रही थी।
टेलिकॉम पर अंतर-मंत्रालय समूह (आइएमजी) ने अपनी एकदम हालिया बैठक में टेलिकॉम
कंपनियों द्वारा स्पेक्ट्रम भुगतान की समयावधि को मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर 16 साल
करने का संकेत दिया है। टेलिकॉम आपरेटरों के लिए यह एक
बहुत राहत देनेवाली बात हुई है।
यह प्रस्ताव टेलिकॉम कंपनियों के नकदी प्रवाह में सुधार लायेगा। वर्तमान में
स्पेक्ट्रम नीलामी का एक हिस्सा दूरसंचार विभाग पहले ही ले लेता है। बाकी का
भुगतान टेलिकॉम कंपनियाँ दो साल के विराम के बाद सालाना दर पर 10 किश्तों में देती
हैं।
टेलिकॉम
कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। भारतीय एयरटेल और आइडिया
सेल्युलर दोनों के शेयर की कीमत में 2.7% की तेजी रही।
ऊर्जा सेक्टर
आज की ट्रेडिंग में गेल
इंडिया के शेयर 1.8% की बढ़त लेकर
बंद हुए। इससे पूर्व कंपनी ने आज ही अपनी अमेरिकी लिक्वीफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी)
की बिक्री के लिए तीन टाइम-स्वैप डीलों पर हस्ताक्षर किया। दरअसल कंपनी ने घरेलू माँग के मद्देनजर सप्लाई पोर्टफोलियो को नया रूप दिया है।
एक अग्रणी आर्थिक समाचार पत्र के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट ने पीएसयू बैंकों के
विलय के लिए अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार इस तरह सार्वजनिक क्षेत्र के
बैंकों को सुदृढ़ करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना की तरफ कदम बढ़ा दिया है।
सरकार, सरकारी बैंकों में कार्यकुशलता लाने के साथ इनके कारोबार का आकार
बढ़ाना चाहती है, जिससे कि इन्हें बारंबार सरकार की आर्थिक मदद की जरूरत न हो, ये
आत्मनिर्भर हो सकें और इनका
हिसाब-किताब दुरुस्त हो।
सार्वजनिक
क्षेत्र के बैंकों के शेयरों ने आज के कारोबार में बढ़त हासिल की। इस मामले
में इलाहाबाद बैंक और बैंक आफ इंडिया के शेयर सबसे आगे रहे।
एक अन्य घटनाक्रम में इंफोसिस
के शेयर 2.1% की बढ़त लेकर बंद
हुए। ऐसा यह खबर आने के बाद हुआ कि नंदन नीलकेणी फिलहाल के लिए कंपनी का कामकाज
अपने हाथ में ले सकते हैं। सेंटीमेंट में मजबूती इस बात से रही कि कंपनी में तीसरे सबसे बड़े संस्थागत निवेशक
ओपनहीमर फंड्स ने कहा कि सीईओ विशाल सिक्का के जाने से कंपनी को लेकर उसकी सोच में कोई बदलाव
नहीं हुआ है।
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