भारतीय शेयर बाजार पर आज
बिकवाली का दबाव रहा। इसलिए यह ट्रेडिंग के अंतिम घंटे में सुस्त चाल के साथ बंद
हुआ। गौरतलब है कि यूरोपीय शेयर बाजार में कमजोरी छायी हुई थी।
बीएसई
सेंसेक्स 25 और एनएसई
निफ्टी मात्र 7 अंकों की बढ़त के साथ
बंद हुआ।
इस पृष्ठभूमि में ऑटो, बैंक
और हेल्थकेयर
सेक्टर में कारोबार नीचे की तरफ जाता दिखायी दिया।
मगर साफ्टवेयर
शेयर मजबूती के साथ बंद हुए। इंफोसिस
और टेक
महिंद्रा के शेयर सबसे अधिक लाभ में रहे।
The Economic Times में प्रकाशित
एक आलेख के अनुसार इंफोसिस 19 अगस्त की
बैठक में अपनी इक्विटी शेयरों के बाइबैक प्रपोजल पर
विचार करेगा।
इसकी घोषणा
ठीक उस समय आयी है; जब इसकी प्रतिस्पर्द्धी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) ने 160 अरब
रुपये के शेयर बाइबैक का काम पूरा कर लिया है। यहाँ पर ध्यान देने वाली बात है कि
इंफोसिस के अकाउंट में इस समय लगभग 6 अरब अमेरिकी डालर का कैश रिजर्व है।
निवेशकों ने कंपनी पर दबाव डाला है कि या तो वह इस रिजर्व से शेयर बाइबैक करे या
मुक्तहस्त डिविडेंड दे।
अप्रैल में
कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शेयरहोल्डरों को डिविडेंड या शेयर बाइबैक के
जरिए 130 अरब रुपये देने का ऐलान किया था।
चीन में आशा
से कहीं अधिक माँग और कमजोर डालर के कारण मेटल
शेयरों ने बढ़त प्राप्त की है। चीन उत्सर्जन और अतिरिक्त क्षमता में कटौती
करने की कोशिश में अवैध ऐल्यूमीनियम और इस्पात संयंत्रों को बंद करने के लिए कदम
उठा रहा है।
एक दशक में
पहली बार जस्ता 3,000 अमेरिकी डालर प्रति मैट्रिक टन के ऊपर छलाँग लगा गया। दूसरी
ऐल्यूमीनियम ने तीन साल की ऊँचाई पर कदम रखा है।
इस बीच,
हमारे एक सुपर इन्वेस्टर केनेथ एंड्रेड ने उम्मीद जतायी है कि कमोडिटी सेक्टर के
संगठित खिलाड़ियों को इस ट्रेंड से लाभ होगा। Quint
के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने
कहा हैः जिन चीजों के बारे में बात की गई है उनमें से एक है अनौपचारिक, असंगठित व्यवसाय से संगठित व्यापार में बाजार हिस्सेदारी का
स्थानांतरण। आप कमोडिटी व्यवसायों के माध्यम से आने वाली आय से अधिक राशि देखते हैं, जहां आपके पास बहुत से एमएसएमई या लघु-स्तरीय व्यवसाय हैं, क्योंकि वे अनुपालन से निपटने के लिए संघर्ष करते हैं।
इसलिए, इनमें से
बहुत से कंपनियां निकट अवधि में बाज़ार की माँग को पूरा करने के लिए क्षमताएं
विकसित नहीं कर सकती हैं और संगठित व्यवसाय इसका पूरा लाभ उठा लेते हैं। मार्केट
के इस खंड में आपको भारी उन्नति देखने को मिलेगी। आपको ऐतिहासिक रुझानों को पार
करने वाले लाभ के दर्शन होंगे।
साल 2016 में
गिरावट के बाद बीएसई मेटल इंडेक्स पर नजर
डालते हैं, तो पाते हैं कि इसने अपनी खोयी जमीन हासिल कर ली है और अधिकतर ने
असाधारण रिटर्न दिया है।
एशियाई
शेयर बाजार में अभी भी मिला-जुला रूप दिखायी दे रहा है।
शंघाई
कंपोजिट 0.68% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय शेयर बाजारों में आज गिरावट का नजारा देखने को
मिला। इसमें लंदन शेयर बाजार सबसे आगे रहा। एफटीएसई-100 0.27%, डीएएक्स 0.21% और सीएसी-40 0.13% नीचे कारोबार किया।
दोपहर बाद के सत्र में भारतीय रुपया, अमेरिकी डालर के मुकाबले में 64.24 प्रति डालर पर कारोबार कर रहा था।
तेल 46.66 डालर पर।
एक अग्रणी आर्थिक समाचार पत्र के अनुसार आइटीसी ने
कपूरथला, पंजाब स्थित एकीकृत फूडपार्क में अपने निवेश को बढ़ाकर 17 अरब रुपये करने
का फैसला किया है। इससे राज्य की जनता के लिए लगभग 5,000 नौकरियों
का सृजन होगा।
आर्थिक समाचार
मुद्रा नीति समिति (एमपीसी) के विवरण से यह बात सामने आयी है कि भारतीय रिजर्व
बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने महत्वपूर्ण नीति रेशियो
(रेपो) में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती इस दलील पर
की कि फूड की मौजूदा कीमतों का कम स्तर कभी-कभार देखने को मिलता है और इसमें कभी
भी वृद्धि होने का खतरा है।
तेल और गैस के शेयर
भारत
पेट्रोलियम कार्पोरेशन (बीपीसीएल) के शेयर सकारात्मक रुझान ( 1.9% की तेजी) के
साथ बंद हुए। दरअसल इस पर इनर्जी
एफिसिएंसी सर्विसेज़ (ईईएसएल) ( ऊर्जा मंत्रालय के अधीन) के साथ सहमति-पत्र पर
हस्ताक्षर का असर पड़ा। इस सहमति-पत्र के अंतर्गत ‘ उज्ज्वला
योजना ‘ के लिए ऊर्जा-क्षम उपकरणों की आपूर्ति की जानी है।
कंपनी एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूबलाइट आदि की आपूर्ति करेगी।
कोल इंडिया के शेयर में 4.2 % का उछाल आया।
खबर आयी थी कि कंपनी ने 2017-18 में 85 अरब रुपये का पूँजीगत खर्च करने जा रही है।
इसके अलावा कंपनी सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट, सोलार पावर, रासायनिक उर्वरक
संयंत्रों में प्राण फूँकने आदि प्रोजेक्टों में 65 अरब रुपये का निवेश करने जा
रही है।
This article was
originally published in English at www.equitymaster.com
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