भारतीय शेयर बाजारों में दोपहर के बाद के सत्र में वैश्विक रुझानों
और शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का असर साफ नजर आया।
परिणामस्वरूप लगातार चौथे सत्र में
सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।
टाटा मोटर्स के शेयरों की
कीमत में 8.6% की गिरावट दर्ज हुई। यह विगत
छह माह में सबसे तेज गिरावट थी और लगभग 16 माह में सबसे निम्नतम । ऐसा क्यों हुआ ? कंपनी ने जगुआर लैंड रोवर ( जेएलआर) और भारतीय
परिचालन दोनों में कमजोर कमाई की खबर दी है।
टाटा मोटर्स
ने चालू वित्त वर्ष ( 2017-18) में जून
को समाप्त तिमाही में 41.54% के उछाल के साथ 31.99 अरब रुपये के शुद्ध मुनाफे की घोषणा की थी। कंपनी को
जेएलआर पेंशन प्लान में परिवर्तन का एक बार फायदा मिला था।
घरेलू मोर्चे
पर मीडियम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 34% की तेज गिरावट के कारण कंपनी कंपनी को 4.66 अरब रुपये का नुकसान हुआ था। ठीक
एक साल पहले कंपनी ने 340 मिलियन रुपये का लाभ दर्ज किया था।
मोटे तौर पर देखा जाये तो आज एशियाई शेयर बाजार
गिरावट के साथ बंद हुए। इसमें हांगकांग आगे रहा। हैंग सेंग में
1.13%, शंघाई कंपोजिट (चीन) में 0.42% और निक्केई-225 (जापान) में 0.05% की गिरावट दर्ज हुई।
यूरोपियन शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए।
इसमें लंदन शेयर बाजार सबसे आगे रहा। एफटीएसई-100 में 1.00%, डीएएक्स (जर्मनी) में 0.65% और सीएसी-40 (फ्रांस) 0.28 % की गिरावट लेकर बंद हुआ।
रुपया-डालर
दोपहर के बाद
के सत्र में रुपया, डालर के मुकाबले में 63.94 रुपये पर था।
तेल की कीमत
49.88 रुपये डालर थी।
औद्योगिक सेक्टर
ऑटोमोबाइल सेक्टर
रेटिंग एजेंसी इक्रा (आइसीआरए) ने अपनी
ताजातरीन रिपोर्ट में कहा है कि देश के यात्री वाहन उद्योग का भविष्य उज्ज्वल है। एजेंसी ने इसकी वजह बताते हुए कहा है कि देश
में इस तरह के वाहनों की पहुँच अभी भी काफी कम है और लोगों के पास खर्च करने के
लिए ढेर सारा पैसा मौजूद है। चालू वित्तीय-वर्ष 2017-18 में घरेलू यात्री वाहनों
की बिक्री में 9-10% का इजाफा होगा।
रिपोर्ट के अनुसार वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने, ब्याज दर में गिरावट के साथ ईंधन की दरों में
मंदी के परिणामस्वरूप कार की लागत में कमी आयी है। इससे इस उद्योग को गति मिलेगी।
ऑटोमोबाइल शेयरों में भारी गिरावट के दर्शन हुए हैं। एस्कार्ट्स,
अशोक
लेलैंड और आइसर
मोटर्स के शेयरों की कीमत में 5% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है।
आज की ट्रेडिंग में पावर फाइनेंस कार्प (पीएफसी) और
रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्प (आरईसी) के शेयरों की कीमत में क्रमशः 7.4% और 6.7% की भारी
गिरावट रिकार्ड हुई।
एक अग्रणी अखबार के मुताबिक दोनों कंपनियों ने निजी
पावर कंपनियों को ऋण-वितरण
में भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों का पालन नहीं किया।
खनन सेक्टरः नाल्को
कंपनी ने तिमाही रिपोर्ट में अपने लाभ में जैसे ही भारी गिरावट की खबर दी उसके
शेयर में 7.8% की गिरावट देखने को मिली।
पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 4.5% की गिरावट के साथ
1.28 अरब रुपये रहा। वहीं, समान तिमाही में पिछले साल कंपनी ने 1.35% का शुद्ध लाभ
कमाया था।
इस बीच कंपनी का राजस्व 16.66 अरब रुपये के मुकाबले
14% की वृद्धि के
साथ 19.11 अरब रुपया हो गया।
The
EnergyInfraPost में छपे आलेख के अनुसार सार्वजनिक
क्षेत्र की कंपनी के शेयर प्रदर्शन में यह अस्थायी गिरावट हो सकती है। कंपनी की
लंबी अवधि की प्रगति अपनी सही राह पर है।
आइपीओ
सिक्योरिटी एंड इंटीलिजेंस सर्विसेज़ (इंडिया) लि. (एसआइएस) की शेयर की इश्यू
कीमत 815 रुपये में 7.2% की गिरावट रही।
एयरलाइन की शेयरों की कीमत भी नीचे रही।
भारत के उड्डयन उद्योग में उच्च विकास दर का दौर चल
रहा है। पिछले 6 सालों में भारत का घरेलू यात्री हवाई यातायात लगभग दो गुना बढ़ा
है। भारतीय एयरलाइनों ने अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर निगाहें टिका ली हैं। यही
नहीं धीरे-धीरे इन्होंने अपनी मार्केट हिस्सेदारी भी बढ़ा ली है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन एसोसिएशन (आइएडीए) के अनुसार यात्रियों की संख्या
के मामले में भारत विश्व में चौथा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। साल 2020 तक इसके
तीसरे नंबर पर पहुँच जाने की संभावना है।
This article was
originally published in English at www.equitymaster.com
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