भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने द्वै-मासिक मौद्रिक-नीति के वक्तव्य में रेपो
दर में 25 बेसिस पाइंट (बीपीएस) की कटौती की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।
इसका नतीजा यह रहा कि निवेशकों का उत्साह भंग होता नजर आया।
रिजर्व बैंक ने कहा कि मुद्रा-स्फीति में तेज गिरावट दर्ज की गयी है। इसके
कारण भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक-नीति समिति ( एमपीसी) ने 25 बेसिस पाइंट की
कटौती करने का ऐलान किया। ‘Livemint’ के मुताबिक रिजर्व बैंक ने बताया कि मुद्रीस्फीति के प्रक्षेप-पथ (trajectory) में अभी कई तरह की अनिश्चितताएँ मौजूद हैं ( उदाहरण के
तौर पर कृषि-ऋण माफी
सरकार की वित्तीय-व्यवस्था पर विपरीत असर डालता है। ) और उसकी मुद्रा-नीति का ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2016 के बाद रिजर्व बैंक ने रेपो दर में पहली बार कटौती की है और ब्याज-दर 6 साल के निम्नतर स्तर पर है।
बीएसई सेंसेक्स 98 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 33 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। एस&पी बीएसई मिड कैप में 0.3% की; जबकि एस&पी बीएसई स्मॉल कैप
में 0.1% की गिरावट दर्ज की गयी। सॉफ्टवेयर , कैपिटल गुड और एफएमसीजी शेयरों को काफी नुकसान का सामना
करना पड़ा। कंज्युमर ड्युरेबल और बिजली उत्पादन करनेवाली कंपनियों के शेयरों में तेजी का
दौर रहा।
यहाँ के शेयरों के भाव में मिला-जुला असर देखने को मिला। निक्केई-225 ने 0.47% और हंग सेंग ने 0.24% की बढ़त दर्ज की। शंघाई कंपोजिट ने 0.23% की गिरावट दर्ज की।
यूरोपीय मार्केट
यूरोपीय बाजार आज ठंडा रहा। लंदन मार्केट के अधिकतर शेयरों का रंग फीका रहा। एफटीएसई-100 0.33% नीचे रहा; जबकि जर्मनी का डैक्स 0.18% और फ्रांस का सीएसी-40 0.08% के साथ नीचे रहा।
रुपया-डालर
दोपहर के सत्र में रुपया, अमेरिकी डालर के मुकाबले 64.07 रुपए पर कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट लिखे जाते समय तेल की कीमत 49.06 अमेरिकी डॉलर थी।
जुलाई-2017 में 7% की गिरावट के साथ कंपनी की कुल बिक्री 3,07727 इकाई रही। इसके मुकाबले जुलाई-2016 में कुल 32 9, 833 इकाइयों की बिक्री हुई थी। इससे बजाज ऑटों शेयर की कीमत 0.8% गिर गया।
कंपनी का कुल निर्यात 0.8% की गिरावट
के साथ 121,230 यूनिटों का रहा। इसकी तुलना
में पिछले साल इसी महीने में 131,811 इकाइयों की बिक्री हुई थी।
मोटरसाइकिलों की बिक्री में 7% की कमी आयी। जुलाई-2016 में 285,527 इकाइयों की बिक्री के मुकाबले जुलाई-2017 में 265,182 इकाइयों की बिक्री हुई। कंपनी ने वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 4% की गिरावट दर्ज की है। जुलाई-2017 में 44,306 इकाइयों की बिक्री हुई, इसकी तुलना में जुलाई-2016 में 42,545 इकाइयों की बिक्री हुई थी।
मोटरसाइकिलों की बिक्री में 7% की कमी आयी। जुलाई-2016 में 285,527 इकाइयों की बिक्री के मुकाबले जुलाई-2017 में 265,182 इकाइयों की बिक्री हुई। कंपनी ने वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 4% की गिरावट दर्ज की है। जुलाई-2017 में 44,306 इकाइयों की बिक्री हुई, इसकी तुलना में जुलाई-2016 में 42,545 इकाइयों की बिक्री हुई थी।
हीरो मोटोकार्प
हीरो मोटोकार्प के शेयर की कीमत में 2.1% का उछाल रहा। क्योंकि कंपनी ने जुलाई 2017 में दुपहिया वाहनों की 6,23,269 इकाइयों की बिक्री की। पिछले वित्तीय वर्ष (जुलाई 2016) की इसी महीने से 17.1% अधिक यानी 532,113 इकाइयों की बिक्री।
हीरो मोटोकार्प के शेयर की कीमत में 2.1% का उछाल रहा। क्योंकि कंपनी ने जुलाई 2017 में दुपहिया वाहनों की 6,23,269 इकाइयों की बिक्री की। पिछले वित्तीय वर्ष (जुलाई 2016) की इसी महीने से 17.1% अधिक यानी 532,113 इकाइयों की बिक्री।
एक अग्रणी दैनिक आर्थिक समाचार पत्र के अनुसार गैर-निष्पादित ऋण को कम करने के लिए और बढ़ती Basel III की जरूरतों को पूरा करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) को अगले दो वर्षों में कम-से-कम 1.9 खरब डॉलर की अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता हो सकती है। अपनी नवीनतम रिपोर्ट में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने यह भी कहा है कि पूंजी की कमी के कारण उधारदाताओं की क्षमता सिमित हो जायेगी। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि बेसल III के कार्यान्वयन से बढ़ती पूंजी की मांग के साथ कमजोर मुनाफे के कारण कई सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों के पूंजीकरण पर दबाव पड़ना जारी रहेगा और उनके पूंजीकरण को बढ़ाने के अन्य उपायों को ढूँढ़ने के लिए कहा जाएगा। इस रिपोर्ट में उम्मीद की गयी है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए सरकार की मदद की प्रतिबद्धता बनी रहेगी।
इसके अलावा, एसएंडपी ने इस बात का भी जिक्र किया है कि बेहतर प्रदर्शन करने
वाले निजी क्षेत्र के बैंक और लाभ कमा रहे सरकारी-क्षेत्र के बैंक तथा गैर-बैंकिंग
फाइनेंसिंग संस्थान और घरेलू ऋण पूँजी बाजार कमजोर सरकारी क्षेत्र के बैंकों के मार्केट
शेयर हथियाते रहेंगे। बैंकिंग सेक्टर में एकीकरण और सुदृढ़ीकरण देखा जा सकता
है।
इस बीच, निजी बैंकों पर आरोप लगाया गया है कि वे अपने बुक में खराब-ऋणों को कम कर दिखा रहे हैं।
लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बड़े डिफाल्टर साबित हो रहे हैं।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने 12 सरकारी क्षेत्र के बैंकों को, अपने खराब-ऋणों को कम करके और 2016-17 में कमतर प्रॉविजन द्वारा अपना लाभ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए कड़ी फटकार लगायी है।
फार्मा सेक्टर
ल्यूपिन की पहली तिमाही का लाभ 59% गिरकर 3.58 अरब रुपये पर आ गया। कंपनी का राजस्व पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 13.4% घटकर 38.6 9 अरब रुपये रहा। ल्यूपिन का शेयर ट्रेडिंग दिन में 1.6% तक की बढ़त के साथ बंद हुई। फार्मा स्टॉक के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
आईपीओ सेक्टर
कोच्चिन शिपयार्ड की आरंभिक हिस्सेदारी की पेशकश बोली के दूसरे दिन शुरुआती दोपहर तक 1.41 गुणा की थी। 4,77,48,420 शेयरों के लिए (3,39,84,000 की जगह) बोली लगायी गयी।
This article was
originally published in English at www.equitymaster.com
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