सुबह के सत्र के बाद लगातार दूसरी बार यानी दोपहर के सत्र में भी भारतीय शेयर बाजारों पर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। इस तरह बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स 260 अंकों और एनएसई निफ्टी 79 अंकों
की गिरावट के साथ बंद हुआ। एसएंडपी बीएसई मिड कैप 1.2% और एसएंडपी बीएसई स्माल कैप 1.3% की गिरावट के साथ बंद हुआ। मुख्य रूप से
पूएसयू, इनर्जी और रिएल्टी शेयरों को
गिरावट का सामना करना पड़ा।
कंपनी समाचार
हिंडाल्को के शेयर की कीमत में 3.3% का इजाफा हुआ, जब कंपनी बोर्ड ने इस बात की घोषणा की कि वह ऋण के जरिए 44 अरब
रुपये जुटाने पर विचार कर रहा है। उस समय भी
सेंटीमेंट को ताकत मिली जब कंपनी की कनाडा शाखा नोवेलिस ने वित्तीय वर्ष 2017-18
की पहली तिमाही में 101 मिलियन डालर के शुद्ध लाभ की खबर दी। इसकी तुलना
में एक साल पहले की इसी तिमाही में 24 मिलियन डालर की कमाई हुई थी।
यहाँ में मिला-जुला असर दिखायी दिया। हैंग सेंग में 0.59% का और शंघाई कंपोजिट
में 0.07% का उछाल दर्ज किया गया।
लेकिन इसके
विपरीत जापान का निक्केई-225 0.30% की गिरावट
के साथ बंद हुआ।
यहाँ भी
बाजार में बहुत हल-चल नहीं रही। एफटीएसई 0.08% की गिरावट के साथ बंद हुआ। सीएसी-40 अपरिवर्तित रहा।
रुपया-डालर
अपराह्न में
रुपया, डालर के समकक्ष 63.73 रुपये पर कारोबार कर रहा था। लिखे जाते
समय तेल की कीमत 49.69 अमेरिकी डालर थी।
चालू वित्तीय वर्ष ( 2017-18) की पहली
तिमाही ( अप्रैल-जून ) में टाटा स्टील ने लाभ कमाया। एक साल पहले घाटा उठाया था।
कंपनी के कलिंगनगर प्लांट में उत्पादन बढ़ने से बिक्री की मात्रा बढ़ाने में मदद
मिली। 30 जून को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 9.21 अरब रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। जबकि ठीक एक साल पूर्व कंपनी
को 31.83 अरब रुपये का घाटा हुआ था।
टाटा
स्टील के शेयर आज 2.6% की तेजी के
साथ बंद हुए। फार्मा
सेक्टर के शेयर आज
नुकसान में रहे। निवेशकों के लिए यह सेक्टर एक समय सुरक्षित स्वर्ग समझा जाता था।
लेकिन पिछले दो सालों में इसके शेयर की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।
यह सेक्टर घरेलू और निर्यात बाजार में कीमत संबंधी दबाव, मुद्रा की कीमत में उतार-चढ़ाव, प्लांट संबंधी निर्माण समस्या का सामना कर रहा है। पूरा सेक्टर कारोबार और भविष्य संबंधी बदालव के दौर से गुजर रहा है।
मार्च 2017
में शेयरहोल्डिंग संबंधी तस्वीर के इधर सामने आने से सेक्टर के प्रति एक निराशा का
संकेत मिलता है। सन
फार्मा, लूपिन,
डॉ.
रेड्डी’ज और सिप्ला
जैसी दिग्गज कंपनियों में एफआइआइ ने अपने शेयर घटा दिये हैं।
बजाज
ऑटो के शेयर की कीमतों में जोश ( 0.9% की तेजी) नजर
आया, जब कंपनी ने ट्रंफ मोटरसाइकिल के साथ अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ की घोषणा की।
दोनों कपनियों ने मध्यम क्षमता वाली मोटरसाइकिल पेश करने की योजना बनायी है। ट्रंफ
मोटरसाइकिल विशेषकर भारत जैसे दुनिया के उभरते नये बाजारों में अपनी पहुँच बढ़ाना
चाहती है। बजाज को ट्रंफ ब्रॉन्ड और इसका सर्वोत्कृष्ट मोटरसाइकिल की पूरी रेंज घरेलू
बाजार और दूसरे
बाजारो में पेश करने को मिलेगी।
तेल और गैस के शेयरों की आज की ट्रेडिंग में बुरी गत
हुई। सबसे अधिक बीपीसीएल
और आइओसी
के शेयर नुकसान में रहे। एक प्रमुख आर्थिक समाचार-पत्र के अनुसार ओएनजीसी की
विदेशी शाखा-ओएनजीसी विदेश- कोलंबिया,कजाकिस्तान और बांग्लादेश में चालू वित्त
वर्ष के दौरान खोज कार्य में 150 मिलियन अमेरिकी डालर का निवेश करने जा रही है। ओएनजीसी विदेश का उत्पादन 2016-17 में 40% बढ़ गया।
इसमें रूस के वंकोर फिल्ड में 26% हिस्सेदारी
की खरीदी से मुख्य रूप से मदद मिली। चालू वित्तीय वर्ष में उत्पादन 15% की वृद्धि के
साथ 14.35 मिलियन टन हो जाने का अनुमान है। ओएनजीसी
के शेयर 1.3% की गिरावट के
साथ बंद हुए।
आर्थिक समाचार
नीति आयोग का कहना है कि विनिर्माण-क्षेत्र ( मैन्युफैक्चरिंग ) में मंदी के लिए वस्तु
और सेवा कर (जीएसटी ) को
जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है। क्योंकि विनिर्माण क्षेत्र की समस्या का संबंध
सिर्फ कर-सुधार से नहीं है। ये समस्याएँ भी अल्पकालिक हैं। इसलिए इनको लेकर परेशान
होने की जरूरत नहीं है। संक्रमण काल निकल जाने के बाद समस्या अपने आप गायब हो
जायेगी।
इस क्षेत्र की समस्याओं में शामिल हैं- बिजली,
परिवहन, प्रक्रियाएं, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर , क्रेडिट समेत भौतिक ढाँचा संबंधी
समस्याएँ। ये समस्याएँ बहुत लंबे समय से हैं। नीति आयोग के अनुसार विनिर्माण
सेक्टर का प्रदर्शन सुधारने के लिए मौजूदा सरकार कई महत्वपूर्ण उपाय कर रही है। इनका असर दिखने में थोड़ा समय
लगेगा।
This article was originally
published in English at www.equitymaster.com
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